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छत्रपती शिवाजी महाराज : वंशावळ
भोसले घराणे — पिढीदरपिढी इतिहास
सुमारे इ.स. १५०० ते १९०० दशक · स्वराज्याचे संस्थापक व त्यांचे वंशज
पिढी १ कृष्णाजी · लक्ष्मोजीपिढी २ बबाजीपिढी ३ मालोजीपिढी ४ शहाजीपिढी ५ शिवाजी महाराजपिढी ६ संभाजी · राजारामपिढी ७ शाहू · शिवाजी दुसरा · संभाजी दुसरापिढी ८+ नंतरचे छत्रपती
👑 छत्रपती🌿 शाखा (कोल्हापूर / तंजावूर)⚭ पत्नी / विवाह🟨 शिवाजी महाराजांची ओळ
📜 मुख्य वंशावळ तक्ता
| पिढी | नाव | जन्म – मृत्यू | पत्नी / कुटुंब | शिवाजी महाराजांशी नाते | महत्त्वाची माहिती |
|---|---|---|---|---|---|
| १ | कृष्णाजी भोसले | ? – ? | — | पणजोबा (पूर्वज) | नोंदींमधील पहिला ज्ञात पूर्वज; वेरूळ (मराठवाडा) व पुणे परिसराशी संबंध. |
| लक्ष्मोजी भोसले | ? – ? | — | पणजोबांचे पुत्र | कृष्णाजींचे पुत्र; बबाजींचे वडील. | |
| २ | बबाजी भोसले | ? – १५९७ | — | आजोबा | पुणे परिसरातील हिंगणी-बेर्डी व देवळगाव गावांचे पाटील. |
| ३ | मालोजी राजे भोसले | सुमारे १५५२ – सुमारे १६०५ | ऊमाबाई (दीपाबाई) फलटणचे देशमुख जगपाळराव निंबाळकर यांची बहीण | वडील | सिंदखेडच्या जाधवांकडून निजामशाहीत सरदार; “राजे” खिताब व पुणे–सुपे जहागीर मिळविले; समाधी — इंदापूर. |
| विठोजी भोसले | ? – ? | — | चुलते (मालोजींचे बंधू) | मालोजींसोबत जाधव व निजामशाही सेवेत स्वार सरदार. | |
| ४ | शहाजी भोसले | १५ मार्च १५९४ – २३ जानेवारी १६६४ | जिजाबाईतुकाबाई मोहितेअन्य | वडील | निजामशाही, आदिलशाही व मुघलांकडे सरसेनापती; पुणे–सुपे व बंगलोर जहागीर; कर्नाटकातील होडीगेरे येथे निधन. |
| शरीफजी भोसले | ? – ? | — | चुलत भाऊ | मालोजी–ऊमाबाई यांचे दुसरे पुत्र; शहाजींचे लहान बंधू. | |
| ५ | संभाजी (शहाजीपुत्र) | सुमारे १६२३ – १६५४ | — | मोठा भाऊ (जिजाबाईंचे प्रथम पुत्र) | आदिलशाही सेवेत; कनकगिरीच्या मोहिमेत जखमी होऊन निधन. |
| 👑 छत्रपती शिवाजी महाराज | १९ फेब्रुवारी १६३० (शिवनेरी) – ३ एप्रिल १६८० (रायगड) | सईबाईसोयराबाईपुतळाबाईसकवारबाईकाशीबाई | स्वतः | हिंदवी स्वराज्याचे संस्थापक; राज्याभिषेक — ६ जून १६७४, रायगड; गनिमी कावा तंत्र, अष्टप्रधान मंडळ, दुर्गव्यवस्था व नौदल उभारले. पुत्र: संभाजी (सईबाईंचे), राजाराम (सोयराबाईंचे) · कन्या: सखूबाई, राणूबाई, अंबिकाबाई इ. (स्रोतांत फरक) | |
| 🌿 व्यंकोजी (एकोजी) | सुमारे १६३० – १६८७/८८ | — | सावत्र भाऊ (तुकाबाईंचे पुत्र) | १६७५ मध्ये तंजावूरचे मराठा राज्य स्थापन; तो वंश १८५५ पर्यंत — प्रसिद्ध राजा: सरफोजी दुसरा. | |
| अन्य सावत्र भाऊ | — | — | सावत्र भाऊ | कोयाजी · संताजी · प्रतापजी · भिवजी · रायभानजी · हिरोजी (शहाजींचे विविध पत्नींकडून पुत्र). | |
| ६ | 👑 छत्रपती संभाजी महाराज | १४ मे १६५७ (पुरंदर) – ११ मार्च १६८९ (तुळापूर) | येसूबाई पिलाजीराव शिर्के यांची कन्या | पुत्र (सईबाईंचे) | दुसरे छत्रपती (१६८१–८९); संस्कृत ग्रंथ “बुद्धिभूषण” यांचे कर्ते; धर्मावादी न वळल्याबद्दल औरंगजेबाच्या आदेशाने अमानुष छळानंतर वध. पुत्र: शाहू · कन्या: भवानीबाई |
| 👑 छत्रपती राजाराम महाराज | २४ फेब्रुवारी १६७० (राजगड) – ३ मार्च १७०० (सिंहगड) | महाराणी ताराबाईराजसबाईजानकीबाईअंबिकाबाई | पुत्र (सोयराबाईंचे) | तिसरे छत्रपती (१६८९–१७००); औरंगजेबाच्या तांडीव आक्रमणात जिंजीकडे जाऊन स्वराज्य सांभाळले. | |
| ७ | 👑 छत्रपती शाहू महाराज | १८ मे १६८२ – १५ डिसेंबर १७४९ | सवित्रीबाई जाधवअंबिकाबाईइतर | नातू (संभाजी महाराजांचे पुत्र) | बालपणापासून मुघल बंदीवास (१६८९–१७०७); औरंगजेबाच्या मृत्यूनंतर मुक्त; १२ जानेवारी १७०८ साताऱ्यास राज्याभिषेक; पेशवाईतील (बालाजी विश्वनाथ, बाजीराव प्रथम) काळात साम्राज्य विस्तार. पुत्र अल्पवयात वारल्यामुळे दत्तक घेतला. |
| 👑 शिवाजी दुसरा (कोल्हापूर) | १६९६ – १७२६ | — | नातू (राजाराम–ताराबाई) | बालपणी गादीवर; आई ताराबाईंचे पालकत्व; नंतर कोल्हापूरची गादी सावत्र भाऊ संभाजी दुसऱ्याकडे गेली. | |
| 👑 संभाजी दुसरा (कोल्हापूर) | १६९८ – १८ डिसेंबर १७६० | — | नातू (राजाराम–राजसबाई) | सुमारे १७१४ पासून कोल्हापूर गादी; वारणेची संधी (१७३१) — कोल्हापूरच्या स्वतंत्र गादीला मान्यता. | |
| ८+ | 👑 राजाराम दुसरा (“रामराजा”) — सातारा | राज्य: १७४९ – १७७७ | — | दत्तक उत्तराधिकारी | ताराबाईंनी राजाराम महाराजांचा पणतू म्हणून सादर केले व शाहू महाराजांनी दत्तक घेतले; नंतर साताऱ्यास शाहू दुसरा, प्रतापसिंह; १८४८ मध्ये राज्य खालसा. |
| 👑 कोल्हापूरचे दत्तक वंशज | सुमारे १७६० – १९४९ | — | शाखा वंशज | शिवाजी तिसरा … ते अखेरचे छत्रपती; याच वंशात समाजसुधारक राजर्षी शाहू महाराज (१८८४–१९२२); १९४९ मध्ये भारतीय संघराज्यात विलीन. |
👑 छत्रपती गाद्या व शाखा — कालक्रम
| छत्रपती / शासक | राज्यकाळ |
|---|---|
| शिवाजी महाराज | १६७४ – १६८० |
| संभाजी महाराज | १६८१ – १६८९ |
| राजाराम महाराज | १६८९ – १७०० |
| ताराबाई (रीजेंट) | १७०० – १७०८ |
| शाहू महाराज | १७०८ – १७४९ |
| राजाराम दुसरा (दत्तक) | १७४९ – १७७७ |
| शाहू दुसरा | सुमारे १७७७ – १८०८ |
| प्रतापसिंह | सुमारे १८०८ – १८३९ |
| नंतरचे राजे | १८३९ – १८४८ (१८४८ खालसा) |
| छत्रपती / शासक | राज्यकाळ |
|---|---|
| शिवाजी दुसरा | सुमारे १७१० – १७१४ |
| संभाजी दुसरा | सुमारे १७१४ – १७६० |
| दत्तक वंशपरंपरा | १७६० पासून |
| राजर्षी शाहू महाराज | १८८४ – १९२२ |
| अखेरचे छत्रपती | … – १९४७ (१९४९ विलीन) |
| शासक | काळ |
|---|---|
| व्यंकोजी (एकोजी) | १६७५ – १६८७/८८ |
| इतर अनेक राजे | १६८८ – १७९८ |
| सरफोजी दुसरा | १७९८ – १८३२ |
| शिवाजी (तंजावूरचे) | १८३२ – १८५५ |
| १८५५ मध्ये खालसा (दत्तक-नीति) | — |
📝 टिप्पणे व स्रोत
ऐतिहासिक मूळ: बखरींमधील “मेवाडच्या सिसोदिया राजपूतांपासून (उदयपूर) वेरूळमार्गे” हा दावा प्रतिष्ठेचा मानला जातो; इतिहासकारांच्या मते खरी नोंद कृष्णाजी → लक्ष्मोजी → बबाजी भोसले यांपासून सुरू होते.
आईंची नावे महत्त्वाची: संभाजी महाराज = सईबाईंचे पुत्र · राजाराम महाराज = सोयराबाईंचे पुत्र · व्यंकोजी = तुकाबाई मोहितेंचे पुत्र · शिवाजी महाराजांचा मोठा भाऊ संभाजी = जिजाबाईंचेच प्रथम पुत्र.
दिनांकांबाबत: शिवजयंती परंपरेने १९ फेब्रुवारी (काही अभ्यासक इ.स. १६२७ मानतात). मालोजींचे दिनांक अंदाजे; कन्यांची नावे विविध बखरांमध्ये भिन्न आढळतात.
स्रोत: ऑगस्ट २०२६ मध्ये विकिपीडिया लेखांवरून संकलित — Shivaji · Shahaji · Maloji Bhosale · Sambhaji · Rajaram I · Shahu I; त्यांत उद्धृत स्ट्युअर्ट गॉर्डन, जदुनाथ सरकार, जी.एस. सरदेसाई, बाळकृष्ण इ. इतिहासकारांची पुस्तके.
